किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ दून में महापड़ाव शुरू
देहरादून(आरएनएस)। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से रविवार को दून स्थित दीन दयाल पार्क में किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने चार श्रम कोड वापस लेने, ठेका प्रथा बन्द करने, पेट्रोल, रसोई गैस की कीमतें कम करने समेत अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया। सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने महापड़ाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद वक्ताओं ने मजदूरों और किसानों की मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया। संविधान दिवस के अवसर उपस्थित लोगों को पूर्व कैबिनेट मंत्री व इंटक के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने संविधान की रक्षा की शपथ दिलाई। इसके बाद सिलक्यारा मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने और राज्य की सभी परियोजनाओं की समीक्षा की मांग की गई। इस तीन दिवसीय महापड़ाव में राज्यभर के मजदूर, किसान शामिल हो रहे हैं। वक्ताओं ने स्मार्ट सिटी के कार्यों में लापरवाही का मुद्दा उठाया। इन्वेस्टर्स समिट को लेकर कहा कि इन्वेस्टर अपनी शर्तों पर पूंजी लगाएंगे। पिछले कुछ सालों से बाहरी कम्पनियों के चलते स्थानीय प्रशासन और स्थानीय निकाय व पंचायतें अधिकारविहिन हुई हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू के प्रांतीय सचिव से राजेन्द्र सिंह नेगी, महेन्द्र जखमोला, इंटक के एपी अमोली, बिरेन्द नेगी, एटक के अशोक शर्मा, समर भंडारी, किसान सभा के सुरेन्द्र सिंह सजवाण, एक्टू के केके बोरा, किसान एकता केंद्र के तेजेन्द्र आदि ने किया। इस दौरान किसान सभा केन्द्रीय नेता पुष्पेंद्र त्यागी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवप्रसाद देवली, कर्मचारी नेता समदर्शी बड़थ्वाल, एसएस नेगी, नंदलाल शर्मा, अनिल कुमार, प्रवीण, एसएस त्यागी, जगदीश कुड़ियाल, किशन गुनियाल, जीडी डंगवाल, जगतार सिंह बाजवा आदि मौजूद थे।
