दिल के इलाज को कम डाक्टर पर नागरिक संगठन खफा
देहरादून
देहरादून के दून अस्पताल में परिवहन मंत्री चंदनरामदास को इलाज नहीं मिलने पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
संयुक्त नागरिक संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि राजधानी के सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा दून अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट ना होने पर परिवहन मंत्री चंदन राम दास को मजबूरी में निजी चिकित्सालय में भर्ती होना पड़ा। यह उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक नमूना है। वीआईपी लोगों का जब यह हाल है तो आम जनता के बदतर हालात किससे छुपे हैं। इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में कम से कम दो कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हर समय जरूरी है। इसके अतिरिक्त कैंसर रोगों की जांच के लिए राज्य में कहीं भी पैट स्कैन मशीन की सुविधा भी नहीं है। 65 हजार करोड़ के बजट में पैट स्कैन मशीने खरीद कर दून, हल्द्वानी,अल्मोड़ा, श्रीनगर में तत्काल लगाई जानी जरूरी हैं जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के कैंसर रोगियों को भी चिकित्सा में सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से मांग है की राजधानी की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर तत्काल सुधार के लिए कदम उठाए जाएं।
