तनाव मुक्ति विषय पर हुआ कार्यक्रम आयोजित

श्रीनगर गढ़वाल। ब्रह्माकुमारी संस्थान के श्रीनगर सेवा केंद्र द्वारा श्रीनगर एवं कीर्तिनगर के ग्रामीणों में आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में राजयोग द्वारा तनाव मुक्ति विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर करनाल से आई हुई राजयोगिनी बीके सरिता ने कहा कि अध्यात्म का सिद्धांत है कि जो हम देते हैं वही हमारे पास लौटता है। यदि हम क्रोध व दुर्व्यवहार से दूसरे को तनाव देंगे तो वह लौटकर अवश्य ही हमारे पास आएगा। इसलिए अपने कर्म और व्यवहार पर ध्यान दें। उन्होंने माताओं-बहनों को गृहस्थ जीवन को सुखी बनाने के लिए प्रेरित किया। गुरूग्राम से पहुंचे राजयोगी बीके प्रांजल भाई ने कहा कि मन में चार प्रकार के विचार चलते हैं। सकारात्मक, नकारात्मक, व्यर्थ व आवश्यक विचार। कहा जैसी व्यक्ति की सोच होती है, वैसा उसका जीवन होता है, इसलिए हम अपने विचारों की क्वालिटी को बढ़ाएं। सवेरे उठकर टीवी, मोबाइल देखने एवं अखबार पढ़ने की बजाय मेडिटेशन करें। सकारात्मक चिंतन करें तो अपने तनाव का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं। राजयोगिनी बीके रसिका बहन ने मंच संचालन करते हुए सभी को मेडिटेशन सीखने का निमंत्रण दिया।

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