डीएलएड प्रशिक्षु सीख रहे थिएटर की बारीकियां
बागेश्वर
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में थिएटर इन एजुकेशन की कार्यशाला तीसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान डीएलएड प्रशिक्षुओं ने थिएटर की बारीकीयां सीखीं। उन्होंने नाटक लेखन के साथ डायलॉग डिलीवरी के बारे में भी जाना। स्पष्ट उच्चारण से लेकर अन्य जानकारियां दी जा रही है। इस दौरान कुली बेगार नाटक आदि भी तैयार किया जा रहा है। डायट सभागार में शुक्रवार को नैनीताल से आए रंगकर्मी जहूर आलम ने नाट्य कला को अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताया। नाटक लेखन से लेकर उसके मंचन तक की पूरी जानकारी दी। उत्तराखंड राज्य गीत के लेखक हेमंत विष्ट ने मंच निर्माण, मेकअप व ड्रेस डिजाइनिंग का नाटक में किस तरह उपयोग किया जाता है इसकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को वॉइस एंड स्पीच अभ्यास कराया। कुली बेगार आंदोलन पर आधारित कथा को नाटक के रूप में रूपांतरित करने के लिए संवाद लिखने का अभ्यास भी कराया जा रहा है। थिएटर इन एजुकेशन विषय पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में रेखांकित कंटेंट पर डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी ने विस्तार से जानकारी दी।
