यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को गोद लेने की सभी प्रक्रिया पर रोक लगा दी

मॉस्को

रूस और यूक्रेन के बीच जंग के 3 महीने बीते चुके हैं। कई हजार बच्चों को रूसी सैनिक अपने साथ मॉस्को लेकर गए हैं। इस बीच रूसी सैनिकों से घिरे यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को गोद लेने की सभी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। नेशनल काउंसिल फॉर अडॉप्शन के अध्यक्ष और मुख्य अधिकारी रेयान हैनलन ने कहा कि जब जंग शुरू हुई तब 300 से अधिक बच्चों को अमेरिकी परिवार गोद लेने वाले थे, लेकिन इस बीच गोद लेने की प्रक्रिया रुक गई है। कई यूक्रेनी बच्चों की पहचान करना अभी भी मुश्किल है। कंसास शहर में अपनी दो बेटियों के साथ रहने वालीं जेसिका फ्लूम भी बच्चों को गोद लेने की कतार में हैं। वह एक मैक्स नाम के बच्चे को गोद लेना चाहती थीं। जो युद्ध के बाद से उनके घर में रह रहा था।
रूसी हमले ने यूक्रेन में लाखों परिवारों को बेघर किया है। जंग में किसी ने अपने पिता को खोया तब किसी ने पति को खो दिया हैं। तब किसी के घर के मासूम की मौत हो गई। कितने माता-पिता की मौत के बाद उनके बच्चे बेघर हो गए। इसकी चिंता थी कि इन अनाथ बच्चे का क्या होगा। फ्लूम ने कहा, ‘हर दिन मैं मैक्स के बारे में सोचता हूं। पता नहीं वे कहां और किस हालत में होगा। यूरोपीय देशों में हर दिन अनाथालय में बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। अमेरिका के विदेश विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में यूक्रेन के 200 से अधिक बच्चे गोद लिए गए। वहीं, रूस ने अमेरिकी परिवारों द्वारा रूसी बच्चों को गोद लिए जाने पर 2013 में रोक लगा दी थी। इससे पहले दो दशकों में अमेरिकी परिवारों ने रूस के लगभग 60 हजार बच्चों को गोद लिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *