अफसरों की कार्य प्रणाली से दुखी ग्राम प्रधान ने ठीक कराया ट्रांसफार्मर
अल्मोड़ा
सरकार विभागों में अफसरों की कार्य प्रणाली से ग्रामीणों को समस्याओं से जूझना आम बात हो गयी है। ऐसा ही वाकया द्वाराहाट ब्लॉक के 27 गावों के लिए बनी गगास-तिपौला पेयजल योजना के ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद सामने आया है। पिछले चार दिनों से ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद दर्जनों गांवों की पेयजल आपूर्ति बाधित थी। विभागीय अफसर ट्रांसफार्मर ठीक करने को तैयार नहीं थे। ऊर्जा निगम के अफसर ट्रांसफार्मर को ठीक करने की जिम्मेदारी जल संस्थान की बता रहे थे। वहीं जल संस्थान के अधिकारी इसे ऊर्जा निगम की जिम्मेदारी बता रहे थे। इसके चलते पूरे क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मच गया था। असगोली के ग्राम प्रधान दीवान सिंह अधिकारी ने दोनों विभागों के अधिकारियों से वार्ता की। लेकिन कोई भी ट्रांसफार्मर को ठीक करने को तैयार नहीं हुए। दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप कार्य को बाधित करने में लगे थे। ग्राम प्रधान ने गांव के ही एक इलेक्ट्रीशियन और ऊर्जा निगम के संविदा कर्मचारी को लेकर ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए ले गये। उन्होंने विद्युत विभाग से शट डाउन लेकर कर्मचारियों को कार्य पर लगा दिया। लगभग 6 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मर ठीक कर दिया।
