उक्रांद ने की चुप्पी तोड़ा अभियान की शुरूआत
बागेश्वर
उत्तराखंड क्रांतदल की यहां आयोजित बैइक में चुप्पी तोड़ों अभियान की शुरूआत की गई। अब इस अभियान को लेकर कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने प्रदेश में लूट करने की प्रतिस्पर्धा की है। कौन कितना अधिक लूट सकता है। उन्हें लोगों की पीड़ा से कोई लेना-देना नहीं है। महंगाई चरम पर है। विपक्ष आंखें बंद कर सोया है। इस कारण जनता पिस रही है। बैजनाथ विश्राम गृह में रविवार को आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि, पशुपालन और पारंपरिक उद्योग तेजी से सिकुड़ रहे हैं और सरकारों को इस खतरे की चिंता करने की फुर्सत भी नहीं है। आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद के दो दशकों में हमारा राज्य भाजपा कांग्रेस के आठ मुख्यमंत्री तो ठेल चुका है। जनता का वह मुख्यमंत्री अभी तक नहीं मिला है जो राज्य को राज्य निर्माण की जन भावनाओं के अनुरूप खड़ा करने की शुरुआत कर सकता। राज्य के हित में नागरिकों को हर कदम पर चुप्पी तोड़नी होगी। बागेश्वर विधानसभा को लंबी दूरी के आरक्षण से मुक्त करवाने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल को ही इस सत्य के साथ चुप्पी तोड़नी होगी। राजनैतिक विचारों का विकास ही किसी क्षेत्र के समग्र विकास का सही पथ है। कत्यूर के मंदिरों की पुरातन कैदखानों से मुक्त कराने की मांग की। बैठक में तय हुआ कि उक्रांद गांव-गांव जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हीरार बल्लभ भट्ट ने किया। इस मौके पर डीके जोशी, भुवन चंद्र जोशी, सुंदर सिंह, राजेंद्र थायत, योगेश पांडेय, विपिन बिष्ट, सुंदर भरड़ा, खीम सिंह राना, गोपाल वनवासी, मोहन बिष्ट, धर्मानंद जोशी आदि मौजूद रहे।
