पर्यटन विकास और नियोजन में गाइड की भूमिका महत्वपूर्ण: वीसी
श्रीनगर गढ़वाल
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और गढ़वाल विवि के पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वधान में दस दिवसीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन गाइड कोर्स का शुभारंभ विवि की कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने किया। इस मौके पर उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अंग्रेजी के गाइड शब्द में प्रयुक्त पांच अक्षरों से पांच सूत्र ग्रहण करने को कहा। प्रो. नौटियाल ने एक सफल गाइड के लिए प्रभावशाली और आकर्षक व्यक्तित्व, पृथक निराला, बुद्धिमान, समर्पण और अनुभव के महत्व का पंच सूत्र को याद रखने को कहा। उन्होंने प्रदेश के पर्यटन विकास और नियोजन के लिए गाइड की भूमिका, स्वरोजगार और इस प्रकार के कोर्स आयोजित किए जाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद को बधाई दी।
शुभारंभ समारोह पर प्रसिद्ध रंगकर्मी गढरत्न प्रो. डीआर पुरोहित ने पौड़ी जनपद की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटकों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रत्येक गाइड को एक कुशल स्टोरी टेलर होकर अपने पर्यटन स्थलों को रोचकता से प्रचारित-प्रसारित करने को कहा। चौरास परिसर के निदेशक प्रो. सीएम शर्मा, पर्यटन विभाग के निदेशक प्रो. एसके गुप्ता, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. महावीर नेगी, रंगकर्मी गणेश खुगशाल गणी, प्रो. मोहन पंवार, डा. सर्वेश उनियाल ने प्रशिक्षणार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए।
पर्यटन विभाग के प्रो. राकेश डोढी ने कोर्स के प्रारूप को प्रस्तुत किया। पर्यटन विकास अधिकारी पौड़ी प्रकाश खत्री ने सभी प्रतिभागियों को गाइड बैच, कैप, गाइड टी शर्ट और स्टडी मैटीरियल प्रदान कर शुभकामनाएं प्रदान की। इस अवसर पर रुद्रनाथ के मुख्य पुजारी एवम प्रसिद्ध छायाकार हरीश भट्ट, मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी, प्रो. दीपक कुमार, डॉ. रश्मि डोडी, डॉ. नागेंद्र रावत, डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ. रजनी नौटियाल, महेश डोभाल, नरेश खंडूरी, डॉ. संजय पांडे, महेश पैन्यूली, विवेक कुंवर, धूम सिंह नेगी, राकेश कोठरी सहित पर्यटन के शोध छात्र उपस्थित रहे। संचालन डॉ. राहुल बहुगुणा में किया।
