जब विभागीय मंत्री डिजिटल हस्ताक्षर नहीं संभाल पा रहे हैं तो वह विभाग कैसे संभालेंगेः रघुनाथ
देहरादून
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि हाल ही में लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतपाल महाराज द्वारा अपने निजी सचिव के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी, जिसमें इनके सचिव द्वारा एजाज अहमद को प्रमुख अभियंता, लोनिवि बनाए जाने संबंधी पत्रावली पर मंत्री से अनुमोदन लेने के बजाए खुद अनुमोदन देकर इनके डिजिटल हस्ताक्षर किए गए थे। उन्होंने कहा कि जब विभागीय मंत्री डिजिटल हस्ताक्षर नहीं संभाल पा रहे हैं तो वह विभाग कैसे संभालेंगे। आज पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय मंत्री की मौन स्वीóति से निजी सचिव द्वारा ऐसा óत्य किया गया या किसी अपरिहार्य विवाद के चलते बाद में डिजिटल हस्ताक्षर को नकार दिया गया। नेगी ने कहा कि विभागीय मंत्री की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्ववर्ती कार्यकाल में सिंचाई मंत्री रहते हुए इनके द्वारा विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की गई थी कि आप मुझे ताक पर क्यों रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यानी अधिकारी उनसे लेना सलाह लेने या अनुमोदन लेने तक गवारा नहीं समझते थे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री महाराज की अनुभवहीनता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि इनके द्वारा पूर्व में अपने दायित्व का कार्य विभाजन कर दो से चार मामले अपने पास रख कर सभी मामलों के अधिकार संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए थे, जिसके चलते अधिकारी मनमानी करने से बाज नहीं आते थे। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में केसी चंदेल व अमित जैन मौजूद थे।
