विस से बर्खास्त कार्मिकों ने अपनी बहाली के लिए की पूजा अर्चना
देहरादून
बीते वर्ष सितंबर माह में विधानसभा सचिवालय द्वारा एकपक्षीय कार्रवाई कर 228 कार्मिकों को बिना कारण बताए प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्त कार्मिक न्याय के लिए विधानसभा के बाहर तीन महीने से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। बर्खास्त कार्मिकों ने नव दुर्गा की उपासना के लिए नौ दिन का व्रत रखा गया है इसके साथ ही अपनी बहाली के लिए पूजा अर्चना की। उनका धरना प्रदर्शन आज 95 दिन में पहंुच गया है। इस अवसर पर बर्खास्त कार्मिकों का कहना है कि अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान कई कार्मिको का स्वास्थ्य भी बिगड़ा, कई कार्मिकों ने इस तनाव से अपने परिवार में अपनों को खोने का दर्द भी झेला उसके बावजूद अनशन के तीन माह गुजर जाने पर भी बर्खास्त कार्मिकों को न्याय नहीं मिला है और इस बीच कार्मिक न्याय के देवता गोलजु, आदिशक्ति मां धारी देवी एवं इष्ट देवांे से भी से न्याय की गुहार लगाई है और उनका कहना हैं कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता सभी कार्मिक धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हैं। इस अवसर पर कार्मिकों ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के बाद सभी नियुक्तियां समान प्रक्रिया के अधीन हुई हैं इसके बाद भी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 228 कार्मिकों को ही भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से बर्खास्त कर विधि की सर्वोच्च संस्था जहां नियम बनते हैं वहां पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। इस अवसर पर कार्मिकों का यह भी कहना है कि सभी कार्मिकों को न्यायालय पर अटूट विश्वास है कि उनको न्याय जरूर मिलेगा। इस अवसर पर समस्त बर्खास्त कार्मिक उपस्थित थे।
