पाबंदी के बावजूद नगर में कैसे घुस रहे भारी वाहन

रुडकी

नगर में फ्लाईओवर के ऊपर हुई दुर्घटना में 10 वर्षीय बच्चे की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान लागू नए ट्रैफिक प्लान में नगरीय क्षेत्र में दिन के समय बड़े वाहनों पर प्रतिबंध था। फिर भी खनन सामग्री से ओवरलोड डंपर भरी दोपहर नगर में कैसे घुसा। फिलहाल कांवड़ यात्रा चल रही है। श्रद्धालु पहले वाहनों से हरिद्वार आते हैं और गंगाजल भरकर पैदल जा रहे हैं। पैदल कांवड़ यात्रियों की बड़ी तादाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 22 फरवरी से अलग ट्रैफिक प्लान लागू किया था। इस नए प्लान के तहत सहारनपुर की तरफ से बिजनौर, मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को एक मार्च को शिवरात्रि के त्योहार तक रुड़की से लक्सर, रायसी, बालावाली होते हुए बिजनौर की तरफ डायवर्ट किया गया है। कांवड़ यात्री के साथ कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए दिन के समय भारी वाहनों के नगरीय क्षेत्र में पाबंदी भी लगाई गई है। लक्सर नगर के बाहर रुड़की तिराहे पर दिन में पुलिस ऐसे वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करा रही है। इन्हें अंधेरा होने पर आगे भेजा जा रहा है। लेकिन सोमवार को लक्सर नगर में फ्लाईओवर के ऊपर डंपर के कुचलने से हुई दस साल के बच्चे की मौत ने पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि पाबंदी होने के बावजूद अपनी क्षमता से दो गुना अधिक खनिज सामग्री लादकर जा रहा डंपर आखिर आबादी क्षेत्र में स्थित फ्लाईओवर पर आखिर कैसे पहुंच गया। दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि दुर्घटना करने वाले डंफर के पीछे भी चार और डंपर खनिज सामग्री से लदे खड़े थे। एसएसआई मनोज सिरोला का इस बाबत कहना है कि रुड़की तिराहे पर पिकेट ड्यूटी वाले कर्मचारियों की गलती है। उनसे जवाब मांगकर कार्रवाई की जाएगी।

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