मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा अर्चना की
रुडकी। नवरात्र के सातवें दिन देवी के मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की। अब नवरात्र समापन की ओर बढ़ रहे हैं। कई भक्त बुधवार को अष्टमी के दिन नवरात्र का समापन करेंगे। नवरात्र में अलग-अलग दिनों में माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है। मंगलवार को देवी की सातवीं शक्ति कालरात्रि का पूजन हुआ। देर रात तक पूजन चलता रहा। धार्मिक मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से माता अपने भक्तों को काल से बचाती हैं। भक्त को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। साधक मां कालरात्रि की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। रोज की तरह देवी को चुनरी, फल, फूल, प्रसाद आदि अर्पित किया गया। कालरात्रि के दिन रात में विशेष पूजन होता है।
