फैक्ट्री परिसर की जमीन में जाने की अनुमति मांगी
रुड़की
टायर फैक्ट्री लगाने के दौरान हुए फर्जीवाड़े के पीड़ित ने एसडीएम से मुलाकात की। बताया कि फैक्ट्री परिसर में उसकी जमीन है, जिस पर कोर्ट का स्टे है। उन्होंने वहां नए निर्माण पर नजर रखने के लिए उसे परिसर में आने जाने की अनुमति मांगी। एसडीएम ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खेड़ी गांव के मुनेश परमार ने एसडीएम गोपालराम बिनवाल से मुलाकात की। बताया कि 2007 में बड़े औद्योगिक समूह ने टायर फैक्ट्री के लिए उसके पिता खड़ग सिंह और चाचा कालूराम की जमीन खरीदी थी। उन्हें कुछ पैसे एग्रीमेंट के समय मिले थे। बैनामा हुआ, तो रजिस्ट्री कार्यालय में बकाया 65 लाख रुपये की चेक से अदायगी दिखाई गई। लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने उक्त चेक पिता और चाचा को देने के बजाय उनके फर्जी हस्ताक्षर से खुद भुना लिए। जबकि उसके पिता और चाचा दोनों अनपढ़ होने के कारण अंगूठा लगाते हैं। इसमें उन्होंने मुकदमा लिखाया था, जिसमें चार्जशीट लग चुकी है। बताया कि 2019 में उनकी याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने उक्त जमीन पर फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा नया निर्माण करने पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि फैक्ट्री परिसर में स्थित इस जमीन में नया निर्माण न हो, इस पर नजर रखने के लिए उन्हें फैक्ट्री परिसर के भीतर आने-जाने की अनुमति दी जाए। एसडीएम बिनवाल ने बताया कि लक्सर पुलिस को न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने को कहा गया है।
