पौड़ी में आपदा उपकरणों की नहीं हो पाई पूरी खरीद
पौड़ी। मानसून के मद्देनजर तैयारियां शुरू हो गई है। जिले में सभी महकमों की कार्ययोजना बनाई गई है। खासकर नदी नालों को लेकर प्रशासन की चुनौती बनी हुई है। कोटद्वार में पनियाला नाला से लेकर श्रीनगर के कुछ हिस्सों में जलभराव की दिक्कतें हर साल मानसून में आती है। बरसात के दिनों में सड़कों के बंद होने से ग्रामीण इलाकों में परेशानी होती है। एक ओर मानसून ने तकरीबन दस्तक दे दी है वहीं अभी तक आपदा उपकरणों की खरीद पूरी नहीं हो पाई है। जैम पोर्टल पर उपकरण नहीं मिल पाने से पिछला टेंडर निरस्त हो गया। अब दुबारा प्रक्रिया जारी की गई है। जो उपकरण रह गए उनमें लाइफ जैकेट से लेकर एमजेंसी लाइटें आदि भी शामिल है। जिला आपदा प्रबंधन अफसर डीपी काला ने बताया कि उपकरणों की खरीद जल्द ही कर ली जाएगी। मानसून को देखते हुए अस्थाई शिविरों के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है। जिन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से नुकसान हुआ उनकी जानकारी शासन को भेजी गई है। मुख्यालय पर एक न्यूली मॉडल वाहन को 24घंटे आपदा उपकरणों से लैस होकर तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर यह वाहन सीधे संबंधित स्थान को भेजा जा सकता है। बरसात में कई बार ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क नहीं होने की समस्या सामने आती है ऐसे में हाई रेंज की वॉकी टॉकी रखी गई है। हर तहसील में ये 3-3 उपकरण दिए गए हैं और अन्य मुख्यालय पर हैं, जरूरत पड़ने पर इन्हें संबंधित तहसीलों को दिया जा सकता है। लाइफ जैकेट और कुछ लाइटें अभी लेनी रह गई है। जिले में करीब छह दर्जन स्थानों का चयन अस्थाई शिविरों के लिए किया गया है। जरूरत पड़ने पर यहां किसी भी समय अस्थाई शिविर लगाएं जा सकते हैं। बारिश के कारण हर बार सड़कों के अवरुद्ध होने से आवाजाही प्रभावित होती है। लोनिवि ने करीब 70 भूस्खलन स्थल चिह्नित किए हुए हैं। जिले में बारिश के कारण बंद सड़कों को खोलने के लिए 50 से अधिक जेसीबी की जरूरत पड़ती है हालांकि लोनिवि के पास जेसीबी की कमी होने पर प्राइवेट जेसीबी हायर करनी पड़ती है।
जिले में जलभराव वाले क्षेत्र श्रीनगर और कोटद्वार में पनियाला नाला, सुखरौ नदी के समीप का क्षेत्र चिह्नित किया गया है। जिले स्तर पर कंट्रोल रूप पहले से ही संचालित हो रहा है। जिले की सभी तहसीलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित है। जिला कंट्रोल रूम का नंबर -01368-221840 है। 9412082535 पर भी कॉल कर आपदा संबंधी जानकारी दी जा सकती है। मानसून तैयारियों को लेकर डीएम डॉ. आशीष चौहान ने पहले ही बैठक ले ली है। डीएम ने संबंधित महकमों को तैयारियां समय से पूरा करने को कहा। एसडीआरएफ, जल पुलिस से लेकर अन्य संवेदनशील स्थानों की भी समीक्षा कर कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया।
