आज से शुरू होगा मोहर्रम का महीना
रुड़की। चांद दिखाई देने के साथ बुधवार से मोहर्रम का महीना शुरू होगा। इस्लामी कैलेंडर का यह पहला महीना कहलाता है। इसी महीने की 10 तारीख में नवासे रसूल हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में 14 सौ वर्ष पूर्व दीन ए इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए अपनी और अपने साथियों की कुर्बानी पेश की थी। मौलाना सैयद मेराज मेहंदी ने बताया कि यह इस्लाम की सबसे बड़ी कुर्बानी है। इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में सब्र और संयम दिखाकर लोगों को सही राह दिखाने का प्रयास किया। कर्बला के शहीदों की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम में सभी शहीदों को याद किया जाता है। जिनमें हजरत इमाम हुसैन के दोस्त हबीब इब्ने मजाहिर के साथ-साथ उनकी बहन हजरत जैनब के दो बच्चे औन और मोहम्मद, इमाम हुसैन के बड़े भाई इमाम हसन के बेटे हजरत कासिम, इमाम हुसैन के पुत्र हजरत अली अकबर आदि की शहादत को भी याद किया जाता है।
