इसरो की कम संसाधनों में अधिकतम सफलता के मंत्र को जीवन में अंगीकृत करें छात्र: रविंद्र पुरी
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने छात्र छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसरो की कम संसाधनों में अधिकतम सफलता के मंत्र को अपने जीवन में उतारें। देश की वैज्ञानिक प्रगति में योगदान का आह्वान किया। बुधवार को एसएमजेएन (पीजी) कॉलेज में चन्द्रयान-3 की लैंडिंग से पहले शुभकामना कार्यक्रम ‘विजयी भव का आयोजन किया गया। इसमें श्रीमहंत ने अपना संदेश दिया। विजयी भव के जरिए छात्र-छात्राओं में भारत की वैज्ञानिक प्रगति, नागरिकों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने वैज्ञानिकों को शुभकामना देते हुए कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 60 के शुरूआती दशक में अपनी अंतरिक्ष यात्रा शुरू की। संचालन करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि इसरो की प्रगति प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का विषय है। चन्द्रयान जैसे कठिन मिशन को भारतीय वैज्ञानिकों ने बेहद सहजता और कुशलता के साथ पूरा किया है। राजनीति विभागाध्यक्ष विनय थपलियाल ने कहा कि इसरो की प्रगति भारतीय नागरिकों में वैज्ञानिक प्रतिभा बताती है। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक वैभव बत्रा, डॉ. पदमावती तनेजा, डॉ. नलिनी जैन, डॉ. सुगन्धा वर्मा, डॉ. पदमावती तनेजा, डॉ. विनीता चौहान, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, रिचा मिनोचा, साक्षी अग्रवाल, सौरभ कुमार आदि मौजूद रहे।
