केसर बाग में एक साल से पेयजल किल्लत से जूझ रही 800 सौ की आबादी
विकासनगर। नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल किल्लत कोई नई बात नहीं है। लेकिन, जल संस्थान की ओर से उपभोक्ताओं के लिए सुबह-शाम छोड़ा जा पानी भी लोगों के घरों में नहीं पहुंच पा रहा है। पानी की आपूर्ति को लेकर विभाग कितना संजीदा है, इसकी बानगी केसर बाग में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से सड़क पर बहते पानी के रूप में देखी जा सकती है। यहां बीते एक साल से आठ सौ की आबादी पेयजल किल्लत से जूझ रही है। केशर बाग उत्थान समिति ने इस संबंध में बीते वर्ष जल संस्थान कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। समिति के अध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि बीते वर्ष 20 अक्तूबर को शिकायत दर्ज कराकर बताया गया था कि कॉलोनी को पेयजल आपूर्ति करने वाली लाइन जर्जर हो चुकी है, जिससे पानी का रिसाव सड़क पर हो रहा है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जल संस्थान ने जर्जर लाइन की मरम्मत करने की जहमत नहीं उठाई। कहा कि जल संस्थान की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी जगदीश प्रसाद सेमवाल, प्यारेलाल ध्यानी, जेपी सेमवाल, गौर सिंह चौहान, प्रेम सिंह रावत, तीरथ सिंह ने बताया कि उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। सड़क पानी रिसने से आवागमन में भी दिक्कत होती है, जबकि जल जमाव से डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। बावजूद इसके इस क्षतिग्रस्त पड़ी लाइन को ठीक कराने की जहमत उठाने को कोई तैयार नहीं है। बताया कि जल संस्थान की ओर से केसर बाग में कुछ समय पहले पीवीसी लाइन बिछाई गई थी, जिससे अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। बस्ती में बीते एक साल से पेयजल संकट छाया हुआ है, जबकि बस्ती जल संस्थान कार्यालय से एक किमी, तहसील मुख्यालय से तीन सौ मीटर और ब्लॉक मुख्यालय से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर है। लोगों ने बस्ती में जल्द पर्याप्त शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उधर, जल संस्थान के एसडीओ जयपाल चौहान ने बताया कि केशर बाग में नई बिछाई गई पीवीसी लाइन से जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी।
