सरकारी राशन को हो रही नोकझोंक
रुड़की
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से मिलने वाले राशन के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने से कार्डधारकों के साथ-साथ कोटेदार भी परेशान हैं। मशक्कत के बाद ही एक उपभोक्ता राशन ले पाता है। साइट न चलने के कारण देर हो रही है। इससे कई बार कार्डधारकों और दुकानदारों के बीच नोकझोंक भी हो रही है। सरकार ने सरकारी राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया है। इंटरनेट के माध्यम से जोड़े गए इस सिस्टम को उपभोक्ताओं के साथ-साथ राशन डीलरों के लिए जी का जंजाल बन गया है। राशन लेने के लिए पहुंचने वाले उपभोक्ता जब बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उंगलियों के निशान लगाते हैं तो कई बार मशीन उनकी उंगलियों के निशान को सत्यापित नहीं कर पाती। जिसके चलते राशन डीलर उन्हें राशन देने से मना कर देता है। ऐसे में कार्ड धारक तथा राशन डीलर के बीच झड़प होना आम बात हो गई है। कई जगह सिस्टम चलने में देरी हो ही है। एक आदमी का राशन देने के लिए कम से कम 20 मिनट का समय लग रहा है।
