आओ लौट चलें गांवों की ओर विषय पर आयोजित चिंतन शिविर का हुआ समापन
विकासनगर
लोक पंचायत की ओर से साहिया में आयोजित आओ लौट चलें गांवों की ओर विषय पर आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर रविवार को समाप्त हुआ। दो दिनों तक चले शिविर में जौनसार बावर के विभिन्न गांवों से आए 105 लोगों ने गांवों के विकास और सामाजिक, सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने पर मंथन किया। लोक पंचायत के वरिष्ठ सदस्य श्रीचंद शर्मा ने कहा कि जब तक हम लोग संगठनात्मक रूप में खड़े नही होंगे तब तक अच्छे समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। केएस चौहान ने कहा व्यक्तिगत तौर पर हमारी कोई जवाबदेही नहीं बनती, लेकिन सामाजिक प्राणी होने के नाते समाज के प्रति हमारी जवाबदेही जरूर बनती है। कहा कि जौनसार बावर से जो लोग नौकरी, व्यवसाय के लिए बाहर तो गए और दुबारा गांव की ओर लौट कर नहीं आये, उन्हें गांव की ओर कैसे बुलाया जाए, इस पर गहन मंथन की जरूरत है। कहा कि गांवों के विकास के लिए सरकारों पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। इसके लिए ग्रामीणों को खुद भी प्रयास करने होंगे। नौकरी की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने के बजाय गांवों में ही स्थानीय संसाधनों पर आधारित कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही शिविर में क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को विकसित करने, युवाओं को पर्यटन से संबंधित व्यवसायों से जोड़ने पर चर्चा की गई। इस दौरान भारत चौहान, सुंदर लाल नौटियाल, अनिल तोमर, सुनील बिष्ट, सुनील शर्मा, नंदलाल भारती, बारु निराला, कुंदन चौहान, नरेश बादशाह, गंभीर चौहान, धर्मेंद्र, प्रताप चौहान, प्रीतम सिंह, नीरज नौटियाल, नरेंद्र बिष्ट, रजित चौहान आदि मौजूद रहे।
