अमर बलिदानियों के सर्वस्व त्याग से प्रेरणा लेकर लिखें भविष्य का इतिहास
देवरिया
स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवशाली गाथाओं में पैना के वीर अमर शहीदों का अतुलनीय स्थान है। 31 जुलाई 1857 को यहां की वीरों ने अपनी संस्कृति अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर सर्वोच्च बलिदान किया। ऐसे उदाहरण इतिहास में अत्यंत कम मिलते हैं। इस गौरवमयी इतिहास को संरक्षित रखने के साथ ही इसी त्याग व बलिदान की भावना से प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य का इतिहास लिखना है।
