हरियाली तीज पर पारम्परिक गीतों की धूम

बस्ती

हरियाली तीज के अवसर पर  स्काउट भवन के पीछे तुरकहिया में चित्रांश क्लब महिला विंग द्वारा क्लब संस्थापिका रेखा चित्रगुप्त के निवास पर गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेखा चित्रगुप्त ने कहा कि हरियाली तीज के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था।  पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने 108 जन्म लिए थे।  108वें जन्म में माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था. इसी कारण महिलाएं और लड़कियां हरियाली तीज में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं।
महिलाओं ने सावन के तीज के पारम्परिक गीत गाकर वातावरण को आध्यात्मिक कर दिया। झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज, राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग।  नैन भर के रस का प्याला देखे श्यामा को नदं लाला, घन बरसे उमड़ उमड़ के देखों नृत्य करे बृज बाला,छमछम करती ये पायलियाँ  खोले मन के सारे राज, अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं हरियाली तीज, घर-घर झूला झूलें कामिनी जी, बन बन मोर पपीहा बोलता जी। आदि गीतों ने कार्यक्रम को जीवन्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से इंदु, अर्चना श्रीवास्तव,अपराजिता, शालिनी रीना बीना, संजू किरण पाण्डेय, शीला पाठक संज्ञा श्रीवास्तव, श्रीवास्तव प्रतिमा श्रीवास्तव अर्चना संध्या पाण्डेय,  संध्या दीक्षित, रानी, निधि श्रीवास्तव, उर्मिला पाठक, प्रतिभा श्रीवास्तव आदि शामिल रही।

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