भाजपा पार्षदों को ले गए दिल्ली, कांग्रेस व निर्दलीय भी गायब
ग्वालियर
मेयर शोभा सिकरवार की जीत के साथ कांग्रेस ने परिषद में अपना सभापति बनाने के दावे से भाजपा में हडक़ंप की स्थिति बन गई है। यही कारण है कि सभी 34 भाजपा पार्षदों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए सुबह आठ बजे बस से पत्नियों के साथ दिल्ली भेज दिया है। वहां केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा बैठक लेंगे। मेयर शोभा सिकरवार व 66 पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद पांच अगस्त को परिषद का पहला सम्मेलन होगा। इसमें सभापति के अलावा चार अपीलीय समिति के सदस्यों का चुनाव होगा और 12 अगस्त तक दस सदस्यीय मेयर इन काउंसिल का गठन होगा। निकाय चुनाव के इतिहास में 57 साल बाद कांग्रेस की महापौर बनी है। कांग्रेस के 25 पार्षद चुनाव जीते हैं, पाँच निर्दलीय उनके साथ हैं। दिल्ली में सुरक्षित रखने की कोशिश की है भाजपा ने – भाजपा में शपथ होते ही वरिष्ठ नेतृत्व ने 34 पार्षदों को दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया था। इसी के चलते गत दिवस सुबह आठ बजे लोहिया बाजार बुलाकर बस के जरिए दिल्ली भेजा गया। हालांकि कांग्रेस नेता भाजपा पार्षदों से हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे थे और किसी को सभापति लेकरएमआईसी सदसय बनाने का ऑफर दे रहे थे। इस इस प्रलोभन से बचने के लिए जहां पार्षद चार अगस्त तक दिल्ली में रहेंगे औरवहां से चार अगस्त की देर रात या पाँच अगस्त की सुबह ग्वालियर आएंगे। कांग्रेसी भी हुए अंडरग्राउंड – भाजपा की जोड़तोड़ से सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों को शपथ के बाद अंउरग्राउंड कर दिया है। निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले पार्षद भी शपथ लेने के बाद तीर्थ यात्रा पर निकल गए हैं। इससे पहले यह तो साफ है कि पाँच अगस्त के पहले दोनों दलों के लिए काफी जोड़तोड़ और तनाव भरे रहेंगे। झलकियां – पत्नियों के साथ पतियों को भी दिल्ली ले जाया गया है। पार्षदों के साथ ग्वालियर से पार्टी पदाधिकारी भी गए हैं।
