डीएम ने लगाई एसडीएम और तहसीलदारों कोफटकार
पौड़ी।
जिले की एक दर्जन तहसीलों में अभी तक पांच साल पुराने वादों का आज तक निस्तारण नहीं हो पाया है। राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में इन आंकडों को देख डीएम दंग रह गए। डीएम ने इन मामलों के निस्तारण के लिए एसडीएम को एक महीने के भीतर तहसीलों को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। इतना ही नहीं डीएम ने लंबित मामलों का समय पर निस्तारण नहीं होने पर विभिन्न तहसीलों के एसडीएम की वार्षिक प्रविष्ठि में उनकी इस कार्यशैली का उल्लेख किए जाने की चेतावनी भी दी है। तहसील स्तर पर शमन तामिल करने पर बरती जा रही शिथिलता पर डीएम ने उप-जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को कड़ी फटकार लगाई। इतना ही नहीं डीएम ने सतपुली तहसील में 3 शमन तामिल नहीं करने पर नाजर को मुख्यालय तलब किया जबकि कोटद्वार तहसील में राजस्व वादों के निस्तारण में पेशकार स्तर पर बरती जा रही शिथिलता पर डीएम ने पेशकार का स्पष्टीकरण तलब किया है। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में राजस्व की मासिक स्टॉफ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामने आया कि कोटद्वार तहसील में राजस्व वादों के निस्तारण में पेशकार स्तर पर लगातार लापरवाई बरती जा रही है। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पेशकार का स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने सभी एसडीएम को सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण करने के साथ ही रिर्पोट प्रस्तुत करने को कहा। इस मौके पर एडीएम ईला गिरी, एएसपी संचार अनूप काला, तहसीलदार सतपुली सुधा डोभाल आदि शामिल रहे।
