स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पूर्व विधायक की हिदायतः समय पर सुधार हो वरना आंदोलन निश्चित
देहरादून
पूर्व विधायक राजकुमार ने अस्पतालों की जर्जर अवस्था पर चिंता जताते हुए और अस्पतालों की हालत सुधर हेतु मांग उठाते हुए दून मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से मुलाकात की। पूर्व विधायक राजकुमार लंबे समय से अस्पतालों की हालत सुधार की मांग पर अडिग हैं। पूर्व विधायक राजकुमार का कहना है कि नगर के समस्त अस्पतालों की जर्जर अवस्था बेहद चिंतनीय है। साथ ही पूर्व विधायक ने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता कर मांग उठाई की अधर में लटकी रेड क्रॉस बिल्डिंग को शीघ्र पूर्ण किया जाए जिससे आमजन तक कुछ राहत पहुंच सके, यदि यह कार्य समय पर न किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे एवं सेवा से बेदखल किए गए सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं वार्ड बॉय समेत सभी को सेवा में वापस लिया जाए। मौजूदा समय में मरीजों को सही उपचार मिलने में तमाम तरह की समस्याओं से जूझकर निकालना पड़ रहा है। दून मेडिकल कॉलेज में मरीज जब इलाज के आता है तो उसे मात्र पर्ची बनवाने हेतु अस्पताल के दूसरे भवन में भेजा जा रहा है, जहा से पर्ची कटाकर उसे फिर वापस उपचार के लिए पुराने भवन में भेज दिया जाता है। यह सरासर गलत है, मरीज को इलाज के नाम पर दर दर भटकाना उचित नहीं अतः जहा जिस अस्पताल में इलाज होना हो पर्ची काटने की व्यवस्था भी वहा की जाए जिससे मरीजों को फजीहत न हो। नगर के कई अस्पताल बरसात की चपेट खा रहे हैं, जैसे की पानी का अस्पताल परिसर में घुस जाना या अस्पताल की छतों से पानी टपकना और दीवारों पर सीलन आना जिसे ठीक किए जाने हेतु कदम बढ़ाए जाने आवश्यक है। बरसात के समय में बीमारियों और संक्रमण के बढ़ने का भय है परंतु उचित तौर पर जांच ना हो पाने के कारण लोगो में आक्रोश है। डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियां भी आमजन तक पहुंच चुकी हैं जिसके निवारण एवं उपचार लिए शीघ्र व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जानी चाहिए। फिलहाल साधारण से कोविड टेस्ट की रिपोर्ट निकलने और ऑनलाइन अपडेट होने में ही 4 से 5 दिन तक का समय लग रहा जो कतई बर्दाश्त नहीं हो सकता। कोरोना के मरीज की रिपोर्ट इतनी देरी से निकल कर आने का फिर कोई औचित्य नहीं रह जाता, क्योंकि तब तक संक्रमण अपनी पकड़ बना चुका होता है। इसलिए कोविड के जांच केंद्र और टीकाकरण केंद्र बढ़ाने की आवश्यकता है। ब्लड रिपोर्ट, सुगर रिपोर्ट एवं तमाम तरह की जांचों की रिपोर्ट पाने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। समस्त अस्पतालों की साफ सफाई व्यवस्था अपने निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। गंदगी के अंबार और परिसर में कीचड़ के घुसने से स्वच्छता भंग हो चुकी है और अनेक बीमारियां उत्पन्न होने का भय भी बना हुआ है। अतः यह निवेदन है कि अस्पतालों की जर्जर अवस्था को सुधारा जाए एवं उनकी स्वच्छता के लिए कदम बढ़ाए जाएं और मरीजों के उपचार हेतु हर संभव प्रयास किए जाए जिससे किसी को भी निराशा का मुंह न देखना पड़े। साथ ही पूर्व विधायक राजकुमार ने समय पर मांगे पूरी ना होने पर आंदोलन के लिए बाध्य होने की बात भी रखी।
