देहरादून से कालसी बसों के परमिट नियम विरुद्ध देने पर भ्रष्टाचार जरूर हुआ होगाः विजयवर्धन
देहरादून
महानगर सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल ने जानकारी दी है कि 31 जनवरी 2004 की आरटीए देहरादून की बैठक में कहा गया कि पूर्व में ही इस प्रकार का कोई मार्ग वर्गीकृत नहीं था। उन्होंने कहा कि देहरादून से कालसी मार्ग का शासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन मांगा गया तो उत्तराखंड शासन का एक पत्र 9 अगस्त 2005 के प्रेषित पत्र में बताया गया कि मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 68 (3) (ब) के अंतर्गत देहरादून से कालसी मार्ग का वर्गीकरण 18 मई 1973 को हो चुका है लेकिन उस नोटिफिकेशन की प्रति भी प्रार्थी को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शासन एवं आरटीओ देहरादून द्वारा जब अलग अलग तर्क है और इसमें जब साफ झूठ झलकता है तो कहीं ना कहीं देहरादून से कालसी बसों के परमिट नियम विरुद्ध देने पर भ्रष्टाचार जरूर हुआ होगा। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत खुलासा हुआ है और उन्होंने कहा कि अभी वर्तमान में उच्च न्यायालय नैनीताल की डबल बेंच में 34 परमिट रायपुर प्रेमनगर के निरस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ठीक उसी तरह का यह कार्य देहरादून से कालसी रूट मार्ग पर बिना नोटिफिकेशन के परमिट आवंटन का हुआ है। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल कमिश्नर व अध्यक्ष आरटीए से यह मांग है देहरादून से कालसी मार्ग की बसों का संचालन को रोका जाना न्यायोचित होगा।
