विधायक प्रीतम सिंह ने समर्थकों संग बर्खास्त कार्मिकों को दिया अपना समर्थन
देहरादून
उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त कार्मिकों का 19 वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि शीघ्र ही उनकी बहाली की जाये। कार्मिकों ने विधानसभा अध्यक्ष से मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं जाने का अनुरोध किया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने अपने समर्थकों के साथ बर्खास्त कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। आज विधानसभा के पास डिफेंस कालोनी के समीप अपनी बहाली की मांग को लेकर उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है और इस दौरान उन्होंने सरकार व विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठे रहे। इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि कांग्रेस बर्खास्त कर्मचारियों के साथ है और कहा कि सरकार को इस ओर उचित कार्यवाही करनी चाहिए और विधानसभा अध्यक्ष को बर्खास्त कर्मचारियों का पक्ष भी सुनना चाहिए जो नहीं सुना गया है। उन्होंने कहा कि डीके कोटिया कमेटी ने भी बर्खास्त कर्मचारियों की एक नहीं सुनी। विधानसभा अध्यक्ष ने एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए कर्मचारियों को बर्खासत कर दिया। इस अवसर पर बर्खास्त कार्मिकों ने कहा कि विधानसभा ने इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए सभी कार्मिकों को बिना पूर्व सूचना के एक झटके में बर्खास्त कर दिया गया। इस अवसर पर बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा कि किसी को बचाया जा रहा है और आखिर वह कौन से कर्मचारी है। इस अवसर पर बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ने माना है एवं डी के कोटिया कमेटी की रिपोर्ट में भी 2001 से 2021 तक विधानसभा में अवैध भर्ती हुई है तो यह सवाल लाजिमी है कि सिर्फ 2016 एवं उसके बाद नियुक्त कार्मिकों को ही क्यों हटाया गया है इसका जवाब देना होगा। उनका कहना है कि यह एक विचारणीय प्रश्न है विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण को जवाब देना होगा, वहीं तब तक आंदोलन को लगातार जारी रखा जायेगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से न्याय की गुहार भी लगाई है। इस अवसर पर समस्त बर्खास्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
