लालू और उनके परिवार को लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में कोर्ट से राहत


पटना (ईएमएस)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में फिलहाल कोर्ट से राहत मिल गई है। लालू यादव, रावड़ी देवी और उनकी सांसद बेटी मीसा भारती को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दिया है। लेकिन बीजेपी के सुशील मोदी ने लालू परिवार पर इस मामले में अपना अलग फैसला सुनाया है। सुशील मोदी ने कहा है लालू यादव को और उनके परिजनों को इस केस में सजा अवश्य मिलेगी। राजद के कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा लालू-राबड़ी-मीसा को जमानत मिलने के बाद लड्डू बांटे जाने पर सुशील मोदी ने तंज कसा है। बुधवार को जमानत मिलने के बाद राजद खेमे में खुशी की लहर छा गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि हाथी चढें या लड्डू बांटें, सजा होनी तय है। उन्होंने कहा कि लड्डू बांटने से किसी का दोष खत्म नहीं हो जाता। गुनाह से जुड़े कड़वे सवाल भी खत्म नहीं होते। लालू परिवार से जो सवाल अदालत में पूछे जाएंगे वही सवाल उनसे बिहार की जनता भी पूछेगी। लड्डू बांटने से जनता के सवाल खत्म नहीं हो जाएंगे। सुशील मोदी ने कहा कि कोर्ट में लालू प्रसाद को बताना होगा कि रेलवे के चपरासी हृदयानंद चौधरी ने अपनी कीमती जमीन लालू परिवार के सदस्यों को क्यों गिफ्ट कर दिया। उन्हें यह भी साफ करना होगा कि नौकरी और गिफ्ट के बीच क्या संबंध है।
इस मामले में जमानत मिल जाने पर सुशील मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह कोर्ट द्वारा दी गई कृपा है। इससे न्याय की जीत समझने की भूल ना करें। ललन सिंह ने सीबीआई को जो पुख्ता सबूत उपलब्ध करा दिए हैं वह सजा दिलाने के लिए काफी हैं। अभियोग पत्र दायर होने के साथ ही इस मामले में ट्रायल शुरू हो जाएगा और तब लालू को और उनके परिवार के सदस्यों को उनके गुनाह से जुड़े कठिन सवालों का जवाब कोर्ट के समक्ष देना पड़ेगा। सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू को भी लपेटे में लिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और ललन सिंह ने लैंड फॉर जॉब मामले से जुड़े कई अहम सबूत सीबीआई को उपलब्ध करा दिए हैं। सीबीआई अपना काम बेहतर तरीके से करेगी और सभी दोषियों को देर सवेर सजा होकर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *