छिपी प्रतिभा को सामने लाना ही मेरा मकसदः सरिता कठैत
देहरादून,
। सामाजिक कार्यकर्ता सरिता कठैत का कहना है कि पिछले कई वर्षों से समाज के हितों के लिये कार्य कर रही हैं तथा उत्तराखण्ड की कई सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़ी है। आज परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी टीम में मुख्यतः चार लोगों की भूमिका है। उन्होंने कहा कि जिसमें सरिता कठैत, मनोज रावत, भूपेन्द्र सिंह नेगी और हेमराज सिंह बिष्ट हैं। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में रहती हैं, वहीं मनोज रावत और हेमराज जर्मन में और भूपेन्द्र सिंह नेगी कुवैत में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड हमारी पहचान के जरिये मेरे तीनों भाइयों ने यह निर्णय लिया कि जिस प्रकार हम लोग अपनी आजीविका चलाने के लिए अपना प्रदेश छोड़कर विदेशों में गये हैं तो उस प्रकार हमारे उत्तराखण्ड से किसी और को इस प्रकार अपनी प्रतिभा को छिपाकर विदेश न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और सभ्यता के प्रति हम सभी का बहुत लगाव है। हम लोग चाहते हैं कि हम लोग जहां पर भी हैं वहां पर रह कर अपने उत्तराखण्ड और उत्तराखण्डियों के लिए कुछ करें। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक ही है कि उत्तराखण्ड के हमारे जितने भी लोग प्रतिभाशाली हैं उनको उत्तराखण्ड हमारी पहचान से एक मौका दिया जाए, चाहे वह संगीत में हो नृत्य में हो या लेखन में हो यह उन सभी प्रतिभाशाली लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि जो किसी न किसी कारण से पीछे रह गये, चाहे वह धन के आभाव से हो या फिर किसी और कारण से हो। इस अवसर पर अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
