जीपीएस तकनीकी से ऑनलाइन होगा गन्ने का सर्वेक्षण
रुड़की। गन्ना विभाग ने गन्ने के रकबे के सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पता चलेगा कि अगले पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलों के लिए कितना गन्ना उपलब्ध होगा। इस बार यह सर्वेक्षण जीपीएस तकनीक से ऑनलाइन किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया। जिले के लक्सर, लिब्बरहेड़ी और इकबालपुर में तीन चीनी मिलें हैं। अगले पेराई सत्र 2023-24 में इन मिलों को देने के लिए किसानों के पास कितना गन्ना होगा, गन्ना विभाग इसके सर्वेक्षण की तैयारी में लगा है। अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सर्वेक्षण कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने इसकी शुरुआत कर कहा कि अभी तक गन्ने के खेत में फीता डालकर उसका रकबा मापा जाता था। इस बार नई जीपीएस तकनीक से ऑनलाइन सर्वेक्षण किया जाएगा।
सर्वेक्षण में पारदर्शिता को दिया प्रशिक्षण
गन्ना विकास विभाग ने गन्ना सर्वेक्षण कार्यों में पारदर्शिता रखने के लिए इस काम में नियुक्त कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। जिला हरिद्वार के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों, गन्ना विकास निरीक्षकों, प्रभारी सचिव को सहायक गन्ना आयुक्त हरिद्वार शैलेंद्र सिंह और एक एजेंसी से जुड़े अजय कुमार ने प्रशिक्षण दिया। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग नई तकनीकी के माध्यम से काम में पारदर्शिता लाने का कार्य कर रहा है। जिसका लाभ किसानों को आगामी पेराई सत्र में होगा। बताया गया कि शनिवार को सर्वेक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों को माधोपुर गांव में ले जाकर जांच करने का ट्रायल कराया गया। सीडीआई बीके चौधरी ने बताया कि विभाग किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कर रहा है। गन्ना सर्वेक्षण का कार्य ऑनलाइन होने से विभाग में पारदर्शिता आई है। समय पर गन्ना सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता है।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक लक्सर दिग्विजय सिंह ने कहा कि गन्ना सर्वे में कोई गलती नहीं रहेगी। इस दौरान प्रदीप कुमार वर्मा, गौतम नेगी, अजय कुमार, राजेश सिंह, किरण पाल सिंह, सियानंद सोलंकी, अमित कुमार सैनी, राजीव कुमार पंवार, सूरजभान सिंह, सुरेश पंवार, मनोज कुमार, फूल सिंह, सुनील कुमार, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
