मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन से हुआ शुभारंभ
लखनऊ
कथा रंग के फेसबुक लाइव के दो वर्ष पूरे होने पर एक आनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर साहित्यकार, पत्रकार और कथा रंग के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन से हुयी। जिसका आदित्य विश्वकर्मा और सोम गांगुली ने आज से ठीक दो वर्ष पूर्व फेसबुक लाइव पर वाचन किया था। दो वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई कथा रंग की यात्रा में करीब 100 कहानियों का वाचन किया गया। जिसमें कालजयी कहानियाँ, नये लेखकों कहनियां और लोक कथाएँ भी शामिल रही। इस कार्यक्रम में पद्मश्री डा. विद्या बिंदु सिंह,अलका प्रमोद, सुभाष चंदर, संजीव जयसवाल, विक्रम मिश्रा,डा. अमिता दुबे, प्रदीप तिवारीकी कहानियाँ एवं उनकी कहानियों की समीक्षा भी कथा रंग के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में कई पत्रकारों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। आशुतोष शुक्ल, रतनमणि लाल, रोली खन्ना,कथा रंग की अध्यक्ष नूतन वशिष्ठ ने कहा कि कथा रंग लखनऊ ने कहानी वाचन की एक नयी परंपरा प्रारंभ की गयी है, जिसे बहुत पसंद किया जा रहा है। कथा रंग लखनऊ की सचिव अनुपमा शरद ने बताया कि हमारे फेसबुक लाइव में विदेश से भी बहुत लोग जुड़ते हैं कुछ तो नियमित दर्शक हैं। चार कहानियाँ तो इतनी पसंद की गयीं कि उनको कथा रंग फेसबुक लाइव पर दोबारा प्रसारित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मालविका त्रिवेदी, कनिका अशोक और पूजा विमल ने किया। इस अवसर पर रजनीकांत वशिष्ठ, अमिता पांडेय, ममता शुक्ला, गरिमा मिश्रा, डा. अपूर्वा अवस्थी, डा. सुमन मिश्रा आदि उपस्थित रही।
