उक्रांद कार्यकर्ताओं ने दी पुण्यतिथि पर स्व. बडोनी को श्रद्धांजलि
विकासनगर
उत्तराखंड के गांधी के नाम से विख्यात स्व. इंद्रमणि बडोनी को पुण्यतिथि पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने अब तक की प्रदेश सरकारों पर राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा करने और राज्य के संसाधनों की लूट खसोट करने का आरोप लगाया। डाकपत्थर रोड स्थित कार्यालय पर श्रद्धांजलि देने के लिए इकठ्ठा हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उक्रांद के निवर्तमान केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि स्व. बडोनी का राज्य आंदोलन में अतुलनीय योगदान था। लेकिन राज्य की वर्तमान स्थिति उनकी परिकल्पना से बिल्कुल जुदा है। राज्य गठन की मूल अवधारणा आज कहीं नहीं दिखाई देती है। राज्य के मूल निवासी और पर्वतीय क्षेत्र हाशिए पर आ गए हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार और माफिया का बोलबाला है। इससे राज्य गठन का लाभ यहां के मूल निवासियों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को बचाने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं को एक नया आंदोलन शुरू करना होगा। इस आंदोलन के तहत राज्य के जल, जंगल, जमीन और मूल निवासियों के हक हकूक बचाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। उक्रांद के पछुवादून अध्यक्ष गणेश प्रसाद काला ने कहा कि अब तक की प्रदेश सरकारों ने आंदोलनकारियों की उपेक्षा की है। इसके साथ ही गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी घोषित नहीं करना भी शहीद आंदोलनकारियों का अपमान है। उत्तराखंड आंदोलन के दौरान ही राज्य की राजधानी गैरसैंण चिह्नित की गई थी। राज्य गठन के शुरुआती दौर में ही गैरसैंण राजधानी बनने से पर्वतीय जिलों का कायाकल्प हो जाता। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाना और मूल निवासियों के हक हकूकों की रक्षा करना ही स्व. बडोनी समेत आंदोनकारी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान निवर्तमान केंद्रीय उपाध्यक्ष शैलेश गुलेरी, जय कृष्ण सेमवाल, भजन सिंह नेगी, मायाराम ममगाई, नरेंद्र कुकरेती, मोहन प्रसाद नैनवाल, जितेंद्र पंवार, अतुल बैंजवाल, देवेश्वरी विडालिया, बीना पंवार, अमजद, चंदन सिंह सजवान, सुनीता चमोली, गोदावरी भट्ट, शांति देवी, कमला घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
