अपनी मांगों लेकर डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों का सचिवालय कूच

देहरादून

अपनी मांगों लेकर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों ने गांधी पार्क से प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच सचिवालय कूच किया। यहां अपनी मांगों के समाधान को लेकर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षक उत्तराखंड एनआईओएस डीएलएड टीईटी शिक्षक महासंघ के बैनर तले गांधी पार्क में इकटठा हुए और वहां से प्रदेश सरकार के ािलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया। पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरीकैडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया ।इस दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच नोंकझोंक व धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं बैेरीकैडिंग के पास धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पिछले माह 14 सितम्बर को हाईकोर्ट नैनीताल ने आदेश जारी कर दिया गया है और मुख्य न्यायाधीश विपिन सोंधी ओर आर सी खुल्बे की युगल खंड पीठ ने इस अभ्यिर्थियों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए कहा कि एनआईओएस डीएलएड योग्यता धारियों को भी प्राथमिक गतिमान शिक्षक भर्ती में सम्मितलित किया जाये और साथ ही दो हजार रूपये प्रति याची र्को अािड का भुगतान भी करें। इस अवसर पर अभ्यर्थियों ने कहा कि आदेश में यह भी कहा गया है कि इन्हंे चार सप्ताह में नियुक्ति प्रदान करें लेकिन एक माह से अधिक समय हो चुका है अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। सरकार की उदासीनता के कारण आज यह सडाकें में अपने परिवार के साथ आंदोलन करनेे के लिए बाध्य हो गये है। अभ्यर्थियांे का कहना है कि विभाग उनके हितों के साथ कुठाराघात कर रहा है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर प्रशिक्षितों ने कहा कि एनआईओएस डीएलएड उपाधि धारकों को 15 जनवरी 2020 को शासनादेश निर्गत करते हुए गतिमान प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सम्म्लिित करने के आदेश जारी किया था जिसे पुनः विभाग ने ही 10 फरवरी को निरसत कर दिया और जिस कारण यह लोग कोर्ट की शरण में आये और गतिमान 2648 पदों की भर्ती पर स्टे लग गया। उन्होंने कहा कि जिससे हम व हमारा परिवार और परेशान हुए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारा शोषण बंद नहीं किया गया तो कोई बडा कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर अनेकों अभ्यर्थी शामिल रहे।

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