समरसता दिवस के रूप में मनाई संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि
देहरादून
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने महानगर में महान विधिवेत्ता, सामाजिक न्याय के अग्रदूत एवं भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि को समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर डीबीएस पीजी कॉलेज में संगोष्ठी में प्रान्त संगठन मंत्री प्रदीप शेखवात ने बताया कि एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में से बाबा साहब की पुण्यतिथि को समरता दिवस को महत्वपूर्ण रूप में मानती हैं, उन्होंने स्त्री शिक्षा के साथ-साथ सभी वर्गों समाज के लिए काम किया। इस अवसर पर डीएवी पीजी कॉलेज में प्रान्त कोषाध्यक्ष रमाकान्त श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को तोड़ने वाले अनुच्छेद 370 को संविधान से जुड़ने के लिए मना किया था तब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस अनुच्छेद 370 को गोपाल कृष्ण से लिखवा कर जुडवा था। इस अवसर पर जननायक डॉ. भीमराव अम्बेडकर विषयक परिचर्चा में अभाविप की प्रांत अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह ने स्वतंत्रता उपरांत बाबा साहेब के योगदान पर वक्तव्य देते हुए कहा कि हमें संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को याद रखना चाहिए। इस अवसर पर आमंत्रित वक्ता डॉ अलका मोहन शर्मा ने बाबा साहेब के सामाजिक समरसता एवं स्वच्छता विषयक विचारों को व्याख्यायित किया। महानगर उपाध्यक्ष डॉ. पुनीत सैनी ने राष्ट्र के लिए एकता को महत्वपूर्ण बताते हुए नागरिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संचालन सहयोग शालिनी बिष्ट इकाई प्रमुख सोशल मीडिया, अनुभूति, कंचन पंवार नगर विस्तारक, अंजिता सेमवाल नगर सह मंत्री आदि उपस्थित रहे।
