37 साल बाद फिर शुरू हुआ बक्चौर मेला
अल्मोड़ा। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के ईड़ा बिलेश्वर महादेव जालली में ग्रामीणों की पहल पर 37 वर्षों बाद बक्चौर मेला रंगारंग एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मेलार्थियों ने 13 जोड़े नगाड़े- निसाणों के साथ बिलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की। मेले में ईड़ा, जमीनीवार, बयेड़ा, तल्ली बिठोली, विरोली, सनणैं से दो जोड़ी, टीट, बन्धरा, जालली, सिमलचौरा, चौंनिया, निरकोट आदि गांवों के मेलार्थियों सिरकत की। मेला समिति के अध्यक्ष मनोज रावत ने कहा कि पारंपरिक मेले हमें संस्कृति से रूबरू कराते हैं। इनको जीवन के रखना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि यह मेला अब लगातार हो। मेले में जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने से बिल्लेश्वर बक्चौर मेला समिति के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। मेलार्थियों ने झोड़ा, चाचरी, भगनौल आदि का गायन कर मेले की जीवंत परंपराओं को आगे बढ़ाया। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष मनोज रावत, उपाध्यक्ष मधु मिश्रा, कुंदन बिष्ट, पप्पू बिष्ट आदि मौजूद रहे।
