सियासी उठापटक के बीच सीएम शिंदे करेंगे दावोस दौरा, क्या पहले से फिक्स है मामला!

सीएम एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 15-19 जनवरी को दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच में भाग लेंगे। शिंदे ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। अधिकारियों ने कहा कि पिछली बैठक में हस्ताक्षरित 1.37 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 76% कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, स्मृति ईरानी और हरदीप सिंह पुरी के भी शामिल होने की संभावना है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पिछले साल दावोस बैठक के दौरान हस्ताक्षरित लगभग 85% समझौता ज्ञापन (एमओयू) साकार हो चुके हैं और राज्य निवेशकों के लिए शीर्ष पसंद बना हुआ है।

एकनाथ शिंदे का यह दौरा ऐसे समय में तय हुआ है जब महाराष्ट्र में उनकी कुर्सी को खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में विपक्ष द्वारा दावा किया जा रहा है कि मैच को पहले से फिक्स कर दिया गया है। जून 2022 में शिंदे एवं अन्य विधायकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था, जिसके बाद शिवसेना दो फाड़ हो गयी थी और ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास आघाड़ी सरकार का पतन हो गया था, जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मुख्य घटक थे। शिंदे और ठाकरे गुटों द्वारा दलबदल विरोधी कानूनों के तहत एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की गई थीं। अविभाजित शिवसेना के 56 विधायकों में से 40 शिंदे के साथ हैं।

शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिका पर 10 जनवरी को शाम चार बजे नार्वेकर को फैसला सुनाना है। महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट शुरू होने के बाद से अयोग्यता संबंधी याचिकाएं लंबित हैं। याचिका में स्पीकर को अयोग्यता याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से फैसला करने का निर्देश देने की मांग की गई है। विधायकों द्वारा ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद, 23 जून 2022 को उद्धव ठाकरे द्वारा नियुक्त शिवसेना पार्टी व्हिप सुनील प्रभु द्वारा बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की गई थी। अयोग्यता के नोटिस स्पीकर की अनुपस्थिति में डिप्टी स्पीकर नरहरि ज़िरवाल द्वारा जारी किए गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *