थानाध्यक्ष गुडंबा के खिलाफ सरकारी कार्य में लापरवाही का मुकदमा दायर, कोर्ट ने रिपोर्ट की तलब
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गुडंबा थाने से रिपोर्ट लाने का किया आदेश
लूट के मामले में एफआईआर न लिखने पर एसएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दायर हुआ मुकदमा, मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट की तलब
एफआईआर दर्ज करने से पुलिस नहीं कर सकती इंकार, हो सकती है जुर्माने सहित दो साल की सजा
लखनऊ
लूट के मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार करने पर परिवादी विजय कुमार पाण्डेय ने थानाध्यक्ष गुडंबा कुलदीप सिंह गौड़ व इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार यादव पर ड्यूटी में लापरवाही को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार गुप्त के सामने परिवाद दायर किया।
मामले की सुनवाई करने के बाद मजिस्ट्रेट ने थाने से रिपोर्ट तलब की, मामला यह था कि दिनदहाड़े हुई लूट की घटना में लुटेरों ने जानकीपुरम निवासिनी महिला की सोने की चेन लूट ली, घटना 23 मई सुबह की है, जिसकी रिपोर्ट लिखाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह गौड़ व प्रमोद कुमार यादव ने इंकार कर दिया जबकि, उन्हें यह मालूम था कि उनका यह कार्य क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, भारतीय दण्ड संहिता, सुप्रीम कोर्ट के आदेश, गृह मंत्रालय भारत सरकार और पुलिस रेगुलेशन के खिलाफ है जिसमें, स्पष्ट प्रावधान है कि पुलिस किसी भी स्थिति में एफआईआर दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकती चाहे वह झूंठी ही क्यों न हो लेकिन, आरोपीयों द्वारा इसका खुला उल्लंघन किया गया, ऐसा प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है, इसका निर्धारण 8 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर मजिस्ट्रेट की अदालत करेगी।
