नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत दो दिवसीय गंगादूतों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
श्रीनगर गढ़वाल।
नेहरू युवा केंद्र पौड़ी गढ़वाल द्वारा विकासखंड खिर्सू के ग्राम फरासू में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत पंचायत स्तरीय दो दिवसीय गंगादूतों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ पर ग्राम प्रधान कलियासौड़ सावित्री देवी ने कहा कि गंगा को हम मां का दर्ज़ा देते हैं तो फिर मां को कष्ट देने का हमें कोई अधिकार नहीं है। हम गंगा को गन्दगी से मुक्त करा कर सही रूप से उसको सम्मान दे सकते हैं। जिला युवा अधिकारी शैलेश भट्ट ने कहा कि गंगा का बिगड़ता स्वरूप आमजन को संकट में डाल सकता है। इसके दुष्परिणामों से सबसे ज्यादा प्रभावित गंगातट के गांव होंगे। इसलिए गंगा से लगे गांवों के लोगों को भी अपने भविष्य के बारे में सोच गंगा को स्वच्छ रखने के उपायों को व्यवहार में उतारना होगा। प्रशिक्षक योगम्बर पोली ने गीत ना होने देंगे तुझे दूषित के माध्यम से युवाओं को गंगा रक्षा की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने कहा कि गंगा के बिगड़ते स्वरूप के लिए मानव ही जिम्मेदार है। इसलिए मानव को अपनी गलती को सुधार करते हुए गंगा स्वच्छता के लिए व्यक्तिगत पहल करनी चाहिए। प्रशिक्षण के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज दिखोलयूं के प्रधानाचार्य मातवर सिंह कुंवर ने युवा गंगादूतों से अपील करते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य गंगा से जुड़ा है। अपने बेहतर भविष्य के लिए सभी पतित पावनी गंगा की निर्मलता के अभियान से जुड़ेंगे।
