सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है महानगर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का फैसला
लुधियाना।
केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक भले ही 1 जुलाई से लगा दी गई थी, लेकिन उस पर अमल सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित है। क्योंकि पहले नगर निगम व प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा मिलकर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है और सिर्फ सरकार द्वारा पुलिस की मदद लेने का दावा भी किया गया। लेकिन ग्राउंड पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है। जिसका सबूत सिंगल यूज प्लास्टिक की खुलेआम बिक्री व इस्तेमाल कहीं भी देखा जा सकता है। जिसे लेकर दुकानदारों का कहना है कि जब तक मटेरियल की सप्लाई मिल रही है, उस समय तक सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का फैसला कैसे पूरी तरह लागू हो सकता है। हालांकि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के चालान काटने की जिम्मेदारी नगर निगम की है और इसके लिए बकायदा सेनेटरी इंस्पैकटरों को रोजाना के हिसाब से टार्गेट दिए गए हैं। लेकिन कमिश्नर द्वारा बुलाई गई रिव्यु मीटिंग के दौरान हेल्थ ब्रांच द्वारा अगस्त में अब तक करीब 100 चालान काटने का ही खुलासा हुआ है। यह हालात उस समय हैं, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का दबाव बनाया जा रहा है और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन न करने के लिए नगर निगम को करोड़ों का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है।
