भयानक सड़क हादसे में 1 की मौत, पुलिस की ढीली कार्रवाई पर लोगों का फूटा गुस्सा
गोराया
गोराया थाने के सामने पुली के नीचे से निकल रहे एक्टिवा सवार परिवार को फिल्लौर से गोराया आ रही बस ने अपनी चपेट में लिया और एक्टिवा को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई। इस हादसे में एक्टिवा सवार युवक की मौत बताई जा रही है जबकि एक महिला और एक लड़की गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक्टिवा सवार परिवार जगतपुर का रहने वाला बताय जा रहा है।
इस हादसे में गोराया पुलिस की बहुत ही ढीली कार्रवाई सामने आई है। पुलिस थाने के नजदीक हुए इस हादसे वाली पर पहुंचने में पुलिस को 25 मिनट लगे जबकि लोगों ने खुद थाने जाकर घटना की सूचना पुलिस को दी। उन्होंने पुलिस से भी अपील की कि घायलों को ले जाने के लिए अपना वाहन लेकर आएं लेकिन पुलिस प्रशासन न तो अपनी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचा और न ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद लोगों ने खुद रास्ते में जा रहे अपने एक्टिवा, मोटरसाइकिल और तिपहिया वाहनों को रोका और सवारियों को उसमें से उतारकर अस्पताल ले गए लेकिन अस्पताल पहुंचते ही युवक की मौत हो गई।
मौके पर मौजूद लोगों रोष पाया जा रहा था कि अगर पुलिस प्रशासन समय पर अपनी गाड़ी ले आते तो युवक को समय पर अस्पताल ले जाया जा सकता था जिससे उसकी जान बच सकती थी। दूसरी तरफ 108 एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में समय लगना था थाना नजदीक होने के कारण पुलिस प्रशासन अपनी गाड़ी ला सकती थी। मौके पर पहुंचे सब-इंस्पेक्टर ने मौजूद लोगों और मीडिया कर्मियों से भी बदसलूकी की। इससे हादसे पहले भी इस सब इंस्पेक्टर ने घटना को कवर करने गए मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी की, जिसके बाद एस.एच.ओ. गोराया ने सब इंस्पेक्टर को समझाया था। अपनी गलती को छुपाने के लिए जिस तरीके से सब इंस्पेक्टर आकर लोगों पर धौंस जमा रहा था वह मीडिया कर्मी और मौके पर मौजूद लोगों से छुपा नहीं है। जरूरत है सीनियर अधिकारी आम जनता के साथ अपने व्यवहार को ठीक करने का हिदायतेंदे। पुलिस ने बस और एक्टिवा को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
